कैसे बताएं कि राजमा पक गया है या नहीं?
राजमा एक आम सब्जी है जो पोषक तत्वों से भरपूर और स्वादिष्ट होती है। हालाँकि, अगर पकाया न जाए तो इसमें विषाक्त पदार्थ हो सकते हैं और मानव स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है। इसलिए, यह निर्धारित करना महत्वपूर्ण है कि राजमा पक गया है या नहीं। यह लेख बताता है कि कैसे बताएं कि आपकी राजमा पक गई है या नहीं और कुछ व्यावहारिक सुझाव भी प्रदान करता है।
1. राजमा पकाने के मानक

पके हुए राजमा के मानकों में मुख्य रूप से तीन पहलू शामिल हैं: रंग, स्वाद और गंध। निम्नलिखित विशिष्ट निर्णय विधि है:
| निर्णय मानदंड | कच्ची राजमा | पकी हुई राजमा |
|---|---|---|
| रंग | गहरा रंग, हरा या पीलापन लिए हुए | रंग हल्का हो जाता है और चमकीला हरा या पीला दिखाई देता है |
| स्वाद | इसकी बनावट सख्त है और चबाने पर कसैलापन महसूस होता है। | नरम बनावट, चबाने पर कोई कसैलापन नहीं |
| गंध | इसमें कच्ची फलियों की मछली जैसी गंध है | इसमें हल्का बीन स्वाद है |
2. यह निर्धारित करने के लिए विशिष्ट विधियाँ कि राजमा पक गया है या नहीं
1.रंग का निरीक्षण करें: पकी हुई राजमा का रंग हल्का हो जाएगा, गहरे हरे या पीले से चमकीले हरे या पीले रंग में। यदि राजमा के रंग में कोई उल्लेखनीय परिवर्तन नहीं हुआ है, तो उन्हें अभी तक पकाया नहीं जा सकता है।
2.स्वाद: राजमा का एक छोटा टुकड़ा लें और उसका स्वाद लें। यदि वे नरम हैं और कसैले नहीं हैं, तो इसका मतलब है कि वे पक गए हैं। यदि इसका स्वाद कठोर या कसैला है, तो आपको खाना पकाना जारी रखना होगा।
3.गंध: पकी हुई राजमा से हल्की राजमा की सुगंध आएगी, जबकि कच्ची राजमा से कच्ची राजमा की तरह मछली जैसी गंध आएगी।
4.चॉपस्टिक से प्रहार करना: राजमा को धीरे से चुभाने के लिए चॉपस्टिक का उपयोग करें। यदि उन्हें आसानी से छेदा जा सकता है, तो इसका मतलब है कि वे पक गए हैं। यदि पोछे जाने पर यह हिलता नहीं है या जोर लगाने की आवश्यकता होती है, तो यह अभी तक पका नहीं है।
3. राजमा पकाते समय ध्यान देने योग्य बातें
1.पूरी तरह भीगा हुआ: खाना पकाने से पहले राजमा को 2-3 घंटे के लिए पानी में भिगोना सबसे अच्छा है। इससे खाना पकाने का समय कम हो सकता है और राजमा पकाने में आसानी हो सकती है।
2.गर्मी पर नियंत्रण रखें: राजमा पकाते समय, पहले तेज आंच पर उबाल लें, फिर धीमी आंच पर धीमी आंच पर पकाएं, ताकि राजमा बाहर से पक न जाए और अंदर से कच्चा न हो जाए।
3.क्षार न डालें: कुछ लोग राजमा पकाते समय क्षार मिलाना पसंद करते हैं, यह सोचकर कि इससे खाना पकाने की प्रक्रिया तेज हो सकती है। लेकिन वास्तव में, क्षार मिलाने से राजमा में पोषक तत्व नष्ट हो जाएंगे, इसलिए इसकी अनुशंसा नहीं की जाती है।
4.पकाने के तुरंत बाद खाएं: पके हुए राजमा को तुरंत खाना और खराब होने से बचाने के लिए लंबे समय तक भंडारण से बचना सबसे अच्छा है।
4. राजमा का पोषण मूल्य
राजमा प्रोटीन, आहार फाइबर, विटामिन और खनिजों से भरपूर है, जो उन्हें पोषक तत्वों से भरपूर सब्जी बनाता है। राजमा में मुख्य पोषक तत्व इस प्रकार हैं:
| पोषण संबंधी जानकारी | सामग्री (प्रति 100 ग्राम) |
|---|---|
| प्रोटीन | 6.0 ग्रा |
| आहारीय फाइबर | 3.4 ग्राम |
| विटामिन सी | 12 मिलीग्राम |
| कैल्शियम | 50 मिलीग्राम |
| लोहा | 1.5 मिग्रा |
5. राजमा बनाने के सामान्य तरीके
राजमा को विभिन्न तरीकों से पकाया जा सकता है, जिसमें तलना, स्टू करना, उबालना और ठंडा ड्रेसिंग शामिल है। यहां कुछ सामान्य प्रथाएं दी गई हैं:
1.भूनी हुई राजमा: राजमा को धोकर टुकड़ों में काट लें, तेल में पकने तक भूनें, स्वादानुसार नमक और कुटा हुआ लहसुन डालें।
2.आलू के साथ राजमा स्टू: राजमा और आलू को क्यूब्स में काटें, उन्हें नरम होने तक एक साथ उबालें, फिर मसाला डालें।
3.किडनी बीन सलाद: राजमा को उबालकर ठंडे पानी में डाल दें। कीमा बनाया हुआ लहसुन, सोया सॉस, सिरका और अन्य मसाले डालें और अच्छी तरह मिलाएँ।
4.किडनी बीन्स के साथ तला हुआ पोर्क: राजमा और मांस के टुकड़ों को एक साथ हिलाकर भूनें, फिर मसाला डालें।
6. सारांश
यह निर्धारित करना कि राजमा पक गया है या नहीं, मुख्य रूप से रंग को देखकर, बनावट को चखकर, गंध को सूंघकर और चॉपस्टिक से दबाकर किया जाता है। राजमा पकाते समय, उन्हें पूरी तरह से भिगोने, गर्मी को नियंत्रित करने, क्षार न मिलाने और पकाने के तुरंत बाद खाने पर ध्यान दें। राजमा पोषक तत्वों से भरपूर होता है और इसे विभिन्न तरीकों से पकाया जा सकता है। वे एक स्वस्थ और स्वादिष्ट सब्जी हैं।
मुझे आशा है कि यह लेख आपको यह बेहतर ढंग से निर्धारित करने में मदद कर सकता है कि राजमा पकाया गया है या नहीं और स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक राजमा व्यंजनों का आनंद लें!
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